कैसे करें और मांगें क्षमा ?


सादर प्रकाशनार्थ
कैसे करें और मांगें क्षमा ?
रूचि अनेकांत जैन
जिन फाउंडेशन ,

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क्षमा आत्मा का सर्वश्रेष्ठ गुणधर्म है,जो क्रोध के अभाव स्वरुप प्रकट होता है | पर्युषण पर्व में इसका महत्व अधिक बढ़ जाता है | परन्तु वास्तव में क्या हमारे भीतर क्रोध कम होता है या सिर्फ पर्युषण पर्व में हमारा क्रोध मन के किसी कोने में शांत बैठा रहता है ? वास्तविकता तो यही है कि हमारी कषाय पर्व के दिनों में भले ही शांत दिखती हो किन्तु अन्य दिनों में वह कषाय पुनः वैसी ही हो जाती है | प्रतिवर्ष आने वाले यह पर्व हमें संदेश देते हैं, हमें सिखलाते हैं कि हमें सदैव ही क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए और क्षमा का भाव विकसित करना चाहिए |
                  क्षमा अर्थात् forgiveness को हम सभी यदि अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो कोई किसी का शत्रु नहीं रहेगा, सारे झगड़े समाप्त हो जायेंगें,जिन्दगी जीना सभी के लिए आसान हो जाएगा | नई पीढ़ी विदेशों से आयातित पर्व तो बहुत जोर शोर से मनाने लगी है लेकिन हमारे भारतीय पर्वों को वो सम्मान नहीं देती है जो देना चाहिए | उसके कारणों में हम जाएँ तो हम पाते हैं कि हमारे पारंपरिक पर्व बहुत पुराने क्रियाकाण्डों से जुड़े हैं और अब वो पुराने क्रियाकाण्ड तो जिन्दा हैं लेकिन उनकी मूलभावना समाप्त प्राय है |
               नई पीढ़ी नयी क्रियाएं पसंद करती है, यदि हम पुराने क्रियाकाण्डों में जान नहीं डाल पा रहे हैं तो हमें अब नये जमाने में नये किस्म के क्रियाकाण्ड मूलभावना के साथ विकसित करने चाहिए ताकि नयी पीढ़ी अपनी मूल संस्कृति को न छोड़े | जैसे नई पीढ़ी पूजा का धागा बंधवाने में संकोच करती है लेकिन फ्रेंडशिप बैंड बाँधने में गर्व महसूस करती है | इसी प्रकार हमें क्षमा पर्व मनाने के तरीकों में कुछ ऐसे सकारात्मक परिवर्तन करने होंगे जो मूल भावना से भी अलग न  हों  और नये जमाने को भी रास आने लग जायें |
आइये इस क्षमापर्व को मनाने के लिए कुछ आधुनिक ट्रेंड विकसित करने के बारे में सोचते हैं –
·         हम Friendship day पर Friendship-bands gift करते हैं ,Valentine day पर      Gifts and Cards देते हैं |जिससे हम प्यार करते हैं उसे अनेक प्रकार से अपने प्यार का इजहार भी करते हैं |ठीक इसी प्रकार जिसके प्रति हमने अपराध किया है उससे क्षमा का निवेदन भी विविध प्रकार से करना चाहिए | पहले क्षमा वाणी के सुंदर कार्ड्स और संदेश, कवितायेँ लोग अपने हाथों से बनाकर या छपवाकर देते थे किन्तु अब उसका स्थान सोशल मीडिया ने ले लिया है |इसमें ये पता ही नहीं होता कि व्यक्ति किससे और क्यों क्षमा याचना कर रहा है ?हमने जो अपराध किये हैं उनमें से अधिकांश तो हमें ज्ञात हैं और किसके प्रति किये हैं वो भी ज्ञात है | तब हमें उन अपराधों को कह कर उसकी आलोचना करनी चाहिए और जिसके प्रति किया है उससे मिलकर ,कह कर क्षमा याचना करना चाहिए | इसमें साथ में कुछ ग्रन्थ या मंगल सामग्री उपहार स्वरुप देकर क्षमा याचना करें तो और अधिक प्रभाव पड़ सकता है | Forgiveness day पर  wrist bands हम उन्हें दे सकते जिनसे क्षमा याचना करनी है |
·         क्षमा पर्व को विश्वस्तर पर Forgiveness day के रूप में मनाकर विश्व में शांति और सद्भावना स्थापित कर सकते हैं |
·        हमें अपने बच्चों में भी क्षमा मांगने और दूसरों को क्षमा करने का भाव विकसित करना चाहिए |स्कूलों में, आस-पड़ोस में बच्चे छोटी-छोटी सी बात पर अन्य बच्चों को थप्पड़ मार देते हैं, मारपीट करने लग जाते हैं, इससे बैर-भाव ज्यादा विकसित हो जाता है, तुरंत बात को लड़ाई-झगड़े को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका है, माफ़ कर देना,माफ़ी मांग लेना| संवाद के माध्यम से यह क्षमा करने का गुण हमारे प्रयासों से ही विकसित होगा |
·        आजकल offices में बॉस के साथ तथा अन्य साथियों के बीच छोटी-बड़ी बात को लेकर मन मुटाव हो जाते हैं, ऐसे में क्षमा मांग लेने पर सब कुछ ठीक हो जाता है | ऐसे में हम कुछ आधुनिक तरीके अपनाकर market से कुछ gifts जैसे- पेन, डायरी,bracelet आदि पर forgiveness print करवाकर भी ऐसी चीजें वितरित कर सकते हैं , नया साल तो ऐसे ही मानते हैं न |  
·        यूनिवर्सिटीज और कालेजों में रोज होने वाले झगड़ों से सभी परिचित हैं, ये झगड़े तुरंत हल ना किये जाएँ तो बड़ा रूप ले लेते हैं आपसी मन-मुटाव को कम करने लिए स्टूडेंट्स टी-शर्ट,बैग्स आदि पर forgiveness print करवाकर एक दूसरे को गिफ्ट करें |आजकल  टैटू का ज़माना हैं, तो उल्टे-सीधे टैटू न बनवाकर ‘क्षमा’ अर्थात् forgiveness के टैटू बनवायें | ऐसा करने से आपस में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है | विश्वविद्यालय ,महाविद्यालय ,विद्यालय में क्षमा पर्व पर भाषण,निबंध,नाटक आदि प्रतियोगिताएं करवा कर ,एक दूसरे को मिठाई आदि खिला कर यह पर्व मनाया जा सकता है |
·        सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक प्रतिक्रमण करके पूरे भारतीय समाज को इसका महत्व बतलाना चाहिए |
·        यदि आप किसी फैक्ट्री ,ऑफिस,कॉलेज या संस्था के मालिक हैं तो अपने फर्म में स्टाफ़ के साथ मिलकर यह दिन उत्सव की तरह मनाएं |

इस प्रकार आपके मन में भी अनेक नये उपाय आते होंगें आप उन्हें सभी को बताएं और सबसे बड़ी बात सच्चे मन से क्षमा याचना करें ताकि आपकी आत्मा शुद्ध हो सके और अगले का मन भी साफ़ हो सके |

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