युवतियां कैसे करें पर्युषण पर्व की तैयारी ? रूचि अनेकांत जैन , योग शोध अध्येता , नई दिल्ली जैन परंपरा में पर्युषण पर्व आत्म विशुद्धि योग के सबसे बड़े साधन हैं | पहले और आज की पर्युषण पर्व की आराधना , साधन और साधना में बहुत अंतर आ गया है | पहले संयुक्त परिवारों में बड़े बुजुर्गों के सान्निध्य में पर्युषण के दिन कब आते थे और धर्माराधना करते हुए कब दिन निकल जाते थे पता ही नहीं चलता था | परन्तु आज इस कंप्यूटर युग में जहां W hatsapp, google, youtube, twitter आदि ने सभी को इतना उलझा रखा है कि बड़े शहरों में एकल परिवारों ( nuclear families) में युवतियां पर्युषण के दिनों में धर्म लाभ तो लेना चाहती हैं , परन्तु छोटी-बड़ी समस्याएं उनके सामने अक्सर उपस्थित रहतीं हैं जिनके कारन कभी कभी जैन युवती चाहकर भी धर्म साधना नहीं कर पाती है | इन्हीं सब परिस्थितियों में सामंजस्य बिठाते हुए किस प्रकार पर्युषण के दिनों में धर्माराधना की जा सकती है , आइये कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर विचार करते हैं – Ø अपने घर के समीप के उस धार्मिक स्थल या जिन मंदिर क...